Bilaspur News; बाइक से निकले कलेक्टर:  हाईकोर्ट के आदेश के बाद कलेक्टर ने बाइक से किया दौरा, अब डाक्टर्स-स्वास्थ्यकर्मी नहीं छोड़ सकेंगे मुख्यालय


Bilaspur News. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कोटा के 54 गांव मलेरिया के लिए अतिसंवेदनशील हैं। यहां 7 नए मरीज मिले हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण ने गुरुवार को कोटा विकासखंड के मलेरिया प्रभावित कुरदर, छुईहा, टेंगनमाड़ा समेत कई अन्य गांवों का दौरा किया, इसके साथ ही उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने को कहा।

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Bilaspur News. कलेक्टर अवनीश शरण ने बारिश के कारण कीचड़ व दलदल वाली छुईहा एवं चिखलाडबरी की सड़कों में बाइक पर सवार होकर निरीक्षण किया, बताया जा रहा है कोटा क्षेत्र की गावों के सड़के ख़राब होने के कारण वहां चार पहिया वाहन आ जा नहीं सकता, जिसके कारण वहां के लोगो को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है,ख़राब सड़को को सुधार कर आने जाने के योग्य दो दिनों के अंदर बनाने के लिए कलेक्टर ने निर्देश दिए ।

कलेक्टर अवनीश शरण ने कुरदर में मलेरिया चौपाल लगाकर हालात की समीक्षा की, उन्होंने स्वयं मितानिन से मलेरिया जांच कराकर उनके द्वारा की जा रही जांच का परीक्षण किया, इसके साथ ही पीड़ित मरीजों से उनका हाल चाल जाना और वहां के ग्रामीणों से चर्चा किए , इस दौरान कलेक्टर के साथ एसडीएम युगल किशोर उर्वशा समेत स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद थी।

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कलेक्टर अवनीश शरण कुरदर के सरपंच राजकुमार पैंकरा को रोज शाम जनचौपाल लगाकर जागरूकता फैलाने को कहा, इसके साथ ही कलेक्टर ने एक बाइक एंबुलेंस को कुरदर में चौबीसों घंटे रखने के निर्देश दिए। सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने को कहा। केंदा अस्पताल को एक 108 वाहन उपलब्ध कराने को कहा। कुरदर में पानी एवं बिजली की समस्या के निदान करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

कलेक्टर ने टेंगनमाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। पिछले दिनों करवा ग्राम के एक ही परिवार के दो बच्चों की मलेरिया से मौत की पुष्टि हुई है। कलेक्टर ने कहा कि डायरिया और मलेरिया को हल्के में ना लें। प्रभावित ग्रामों का पूरा सर्वेक्षण करें। आरडी किट से मलेरिया की जांच करें। फेल्सिफेरम मलेरिया कन्फर्म होता है तो स्थानीय स्तर पर इलाज न करके सीधे जिला अस्पताल या सिम्स में भर्ती के लिए रेफर किया जाए।

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कलेक्टर ने मरीजों के घर के फोन नंबर लेकर लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने को कहा है, इसके साथ ही ग्रामीणों में जागरूकता फ़ैलाने को कहा है.वही स्कूलों में प्रार्थना के उपरांत बच्चों को डायरिया एवं मलेरिया से बचने के उपाय बताएं जाने को कहा है ।

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